शासक का डर होता है, सत्कार नहीं होता

by Gurwinder

मुसोलिनी इटली का ज़ालिम शासक था| एक बार वह कहीं जा रहा था कि रास्ते में उसकी कार खराब हो गई| गाड़ी ठीक करने वाले मेकैनिक ने बताया के दो घंटे लगेंगे| मुसोलिनी पास के एक सिनेमा घर में चला गया| उस समय फिल्म खत्म होने के बाद मुसोलिनी की तस्वीर दिखाई जाती थी, जिसको देखकर सारे दर्शक खड़े हो जाते थे|

जब उस समय सिनेमा घर में फिल्म खत्म होने के बाद मुसोलिनी की तस्वीर दिखाई गई तो सारे उठकर खड़े हो गए परंतु मुसोलिनी बैठा ही रहा| उसको बैठा देखकर सिनेमा घर के मैनेजर ने उसके पास आकर बोला, “खड़ा तो कोई भी नहीं होना चाहता, परंतु आपका बचाव और भलाई इसी में है कि आप खड़े हो जाए|”

खिड़कियां

नरेंद्र सिंह कपूर

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