अहंकार

by Gurwinder

एक फकीर कब्रिस्तान में कुछ ही देर पहले दफन हुई लाश को बाहर निकाल कर उसके साथ बातें कर रहा था| वहीं पास से बादशाह अपने घोड़े पर सवार होकर गुज़र रहा था| उसकी दृष्टि कब्र पर फकीर पर पड़ी| फकीर ने बादशाह को कोई भी सलाम ना की, और बादशाह उस पर भड़क उठा| “तुम यह क्या कर रहे हो?” फकीर ने बादशाह की तरफ ध्यान ना किया| बादशाह कुछ पास आया और फकीर को बोलने लगा, “क्या तुम्हें पता है मैं कौन हूं?” फकीर बोला यह सभी शब्द कल यही व्यक्ति बोल रहा था, आज मैं इस से पूछने आया हूं कि तुम कौन हो, और अब यह बता नहीं रहा|

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