अध्यापक का चालान

by Gurwinder

एक स्त्री लाल बत्ती की उल्लंघना में हुए चालान के संबंध में, अदालत में पेश हुई और अदालत में उसने जज को विनती की कि वह एक स्कूल में अध्यापिका है, तो उसके चालान का जल्दी से निपटारा इसलिए कर दिया जाए तो वह स्कूल जाकर विद्यार्थियों को पढ़ा सके| जब जज को पता चला कि वह स्कूल की अध्यापिका है तो उसकी आंखों में चमक और चेहरा खिल गया| जज ने बोला कि मैं कई वर्षों से यह प्रतीक्षा कर रहा था कोई स्कूल अध्यापिका मेरी अदालत में आए| आज बड़ी मुश्किल से मेरी यह इच्छा पूरी हुई है| उसने अध्यापिका को बोला: उस कुर्सी पर बैठ जाओ और पांच सो बार लिखो: “मैंने लाल बत्ती की उल्लंघन आ की है|” मैंने तो आपके चालान का आपकी इच्छा अनुसार जल्दी से फैसला कर दिया है, देरी तो अब आप खुद करोगे|

नरेंद्र सिंह कपूर

पुस्तक: खिड़कियां

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