About Bhupinder Kaur Sadhaura

Punjabi Kahania by Bhupinder Kaur Sadhaura

भावुक | लघु कथाएँ

रिश्तों का प्यार

मेरी बेटी की शादी है| सभी रिश्तेदार पहुंच गए हैं| सभी रिश्तेदारों की जबान पर एक ही बात है| लड़की का" चाचा क्यों नहीं आया?" वह रूठा हुआ है|" मैं कहती हूं| रूठा है तो रूठा ही रहने दो| लड़की की शादी है तो फिर इतनी अकड़ क्यों? अपने आप ही आ जाना चाहिए था| सभी रिश्तेदार बोलने लगे| तभी…...

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Mix | लघु कथाएँ

इज़्ज़त

मनदीप कालेज से घर की तरफ जा रही थी| आज उसकी सहेली अपनी मौसी की लड़की की शादी मैं गई हुई थी| इसलिए मनदीप अकेली जा रही थी| वह घर की तरफ आ रही थी| बहुत गर्मी थी| रास्ता सुनसान था| मनदीप को ऐसे प्रतीत हुआ जैसे कोई उसका पीछा कर रहा है| अपने पीछे मुड़कर देखा| दो लड़के गंदा…...

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