तुम एक चमत्कार हो

हमारे जीवन का हर पल ब्रह्मांड का एक नया और अनूठा पल है, जो दोबारा लौटकर नहीं आएगा… और हम अपने बच्चों को क्या सिखाते हैं ? हम उन्हें सिखाते हैं कि दो और दो चार होते हैं और पेरिस फ्रांस की राजधानी है।

हम उन्हें यह कब सिखाएँगे कि वे कितने अनूठे हैं ?

हमें उनमें से हर एक से कहना चाहिए : क्या तुम जानते हो कि तुम क्या हो ? तुम एक चमत्कार हो। तुम अद्वितीय हो। आज से पहले तुम जैसा बच्चा कभी पैदा नहीं हुआ। तुम्हारे जैसे पैर, हाथ, उँगलियाँ, चाल आज तक किसी की नहीं हुई।

तुम शेक्सपियर, माइकलएंजेलो, बीथोवन बन सकते हो। तुममें यह मता है कि तुम कुछ भी बन सकते हो। हाँ, तुम एक चमत्कार हो। और व तुम बड़े हो जाओगे, तो तुम्हारे साथ कोई और भी होगा, जो तुम्हारी ही तरह एक चमत्कार होगा!

आप सबको – हम सबको – मेहनत करनी चाहिए, ताकि यह दुनिया बच्चों के रहने के क़ाबिल बन सके।

पाब्लो कैसल्स

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