रिश्ते का सौदा

“जिद्दू” ने एम्.एस.इ. कंप्यूटर साइंस कर ली थी| घर के लोक रिश्ता ढूंढ रहे थे| सुनती हो ताया हाकम सिंह ने रिश्ता बताया, लड़के के पास 27 एकड़ आते हैं, बारहवीं पड़ा है, जी.टी. रोड पर बड़ा घर है| और लड़का सुंदर भी है| खाना खाते जिद्दू के पिता ने उसकी मां को बताया| तो फिर लेना देना क्या होगा, यह भी पूछ लेना था| कहते हैं ना स्त्रियों की अकल कम होती है, आजकल तो एकड़ के पीछे लाख चलता है अगर 27 एकड़ है तू सीधा-सीधा 27 लाख बन गया| कोई बात नहीं लगा देंगे अपनी बेटी पर, और तुम्हें कौन सा फिक्र है, सब कुछ है अपने पास| हम अपनी बेटी को किसी चीज की कमी नहीं होने देंगे बड़े घर में| यह बोलते हुए हरचरण सिंह बैठक में चला गया|

जिद्दू भी सब सुन रही थी| वह रात को अपने बिस्तर में बड़ी बहुत सोच रही थी, मेरा पिता मेरे लिए मेरे विवाह पर इतने पैसे खर्च करेंगे और तो और लड़के ने तो बारहवीं पास है और मैंने एम्.एस.इ की है, मेरे बाप ने मेरी पढ़ाई नहीं देखी बस लड़के की जमीन देख ली, कह दो क्या सकते हैं, चलो जैसे होगा देखा जाएगा| अपनी सोचो का पल्लू सिमेट जिद्दू अपने आप के साथ गुस्सा होकर सो गई| खुशी-खुशी विवाह हो गया| हरचरण सिंह ने पूरा 30 लाख लगाया, सभी लोग यह ही बातें कर रहे थे| 1 साल गुजर गया जिद्दू ने एक लड़की को जन्म दिया| उस दिन से ससुराल वालों के हाव भाव बदल गए| बस फिर तो किसी ना किसी बहाने घर में लड़ाई करने को ढूंढते रहते थे| एक दिन तो हद हो गई, जब नशे में धुत जिद्दू के घरवाले ने गरम-गरम चिमटे से जिद्दू के हाथ जला दिए| पत्थर दिल परिवार ने उसे रोका भी नहीं| उठाकर अस्पताल में दाखिल करा दिया, बोला रसोई में काम कर रही थी और आग पड़ गई| पता लेने आए बाप को देख कर जिद्दू ऊंची-ऊंची रोने लग गई और उसके अंतर का दर्द उसकी जुबान पर आ गया, पिताजी आपने मेरा रिश्ता इंसान के साथ नहीं किया, बल्के जमीन के साथ किया| लड़की की यह हालत देखकर हरचरण सिंह चुपचाप खड़ा था|

Categories Mix
Share on Whatsapp