कर भला हो भला

समुंदर के किनारे एक पहाड़ी पर एक गांव बसा हुआ था| एक बार जब सभी लोग नीचे अपने खेतों में काम कर रहे थे तो एक बीमार व्यक्ति ने अपनी झोपड़ी की खिड़की में से देखा के एक भयानक समुद्री तूफान आ रहा है, जिसके कारण खेत में काम कर रहे सभी लोग मर जाएंगे|

तूफान कुछ मिनटों की दूरी पर था| उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि वह खेतों में काम कर रहे हैं गांव के व्यक्तियों को कैसे सूचित करें| वक्त निकलता जा रहा था और तूफान और करीब आ रहा था| उस बीमार व्यक्ति ने अपनी झोपड़ी को आग लगा दी, जिस में से आग की लपटे और धुआँ निकलता देखकर नीचे खेतों में काम कर रहे सारे गांव वाले आग बुझाने के लिए पहाड़ी के ऊपर की तरफ भागने लगे और तूफान से बच गए|

जब गांव वालों को आग लगने की असलियत का पता लगा तो उन्होंने केवल बीमार व्यक्ति के लिए नई झोपड़ी जी नहीं बनाई, और तो और जहां पर झोपड़ी जल गई थी वहां पर उसकी मूर्ति भी बनाकर स्थापित कर दी|

लेखक: नरेंद्र सिंह कपूर

Share on Whatsapp